Thursday, December 15, 2011

आ जाना जाने से पहले


और डर कहीं ये भी तो है ना
के कहीं बस ज़िंदा रहने को ही
तो नहीं तेरी यादों को
ज़िंदा रखें हैं हम?

कहीं प्यार में दिल जो दुखाते हैं,
इसलिए तो नहीं?
कि चलो इकतरफा ही सही,
प्यार तो करते हैं

इसलिए तो नहीं दिन रात लुटे फिरते हैं?
कि ना लुटे फिरेंगे तो
बोलो किसके नाम पर फिर
ये दिन रात लुटाएंगे

3 comments:

  1. Kaun hai aapki inspiration? :P
    Lovely, as always :)

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  2. let's just say i have a rich imagination :)

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  3. Your writing works like valium.

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